小説家が嘘を言っても非道徳的と批判されることはありません。それどころか、その嘘が大きければ大きいほど、うまい嘘であればいっそう、一般市民や批評家からの称賛が大きくなります。
- अगर कोई उपन्यासकार झूठ बोलता है, तो उसकी अनैतिक होने के लिए आलोचना नहीं की जाती है। इसके विपरीत, झूठ जितना बड़ा होगा, और अगर झूठ उतना ही चतुर होगा, तो आम जनता और आलोचकों की प्रशंसा उतनी ही अधिक होगी।
